दोस्तों आज के समय में हम और हमारी जनरेशन एक ऐसे रास्ते पर चल निकली है जहां पर सभी के सामने दिखावा करना एक आम बात हो गई है। बड़े तो बड़े और छोटे बच्चे भी अपने आप को अपने दोस्तों में दिखावा करके अच्छी ख़ासी पॉकेट मनी खर्च करते रहते हैं, परंतु इन सबसे हटकर आज हम बात करेंगे एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जिसने अपने बचपन में पॉकेट मनी कमाने के लिए कंप्यूटर पर ऑनलाइन काम करके अच्छा पैसा कमाया। जिस उम्र में बच्चे मौज मस्ती करते हैं पॉकेट मनी खर्च करते हैं, उस उम्र में अपनी पॉकेट मनी कमाने के लिए इस शख्स ने जी तोड़ मेहनत करी और किस्मत से अपनी इसी काम के माध्यम से अपनी एक कंपनी भी खड़ी की और आपको विश्वास नहीं होगा कि आज फेसबूक, लिंक्ड-इन, गूगल, एपल और फोर्ड जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां आज इनकी कंपनी की सर्विसेज प्राप्त करती है।

पॉकेट मनी से शुरू किया करोड़ो का बिजनेस, आज फेसबुक, गूगल, है इनके क्लाईंट। Fusion Charts Technology Success Story.

हम बात कर रहे हैं ऐसी शक्स की जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम ऊंचा किया है। अपनी कंपनी फ्यूजन चार्ट्स टेक्नोलॉजिज Fusion Charts Technology की नींव रखने वाले पल्लव नढ़ानी जो आज के समय में फेसबूक, लिंक्ड इन, गूगल, और फोर्ड जैसी बड़ी कंपनी को क्लाइंट बनाकर अपनी कंपनी के जरिये सर्विस दे रहे है। Success story.

Pallav Nadhani company Fusion charts technology success story

पारिवारिक पृष्ठभूमि।

भागलपुर के एक साधारण से मारवाड़ी परिवार में जन्मे पल्लव नढ़ानी के घर में केवल एक ही ऐसी चीज थी जिसे वह सबसे ज्यादा प्यार करते थे और वह था उनके पिताजी का कंप्यूटर। जिस पर वह घंटों बैठकर सीखा करते थे। इनके पिताजी कंप्यूटर पर अकाउंट का काम किया करते थे। सन 1997 में पल्लव नढ़ानी के पिताजी ने अपने घर में कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत की थी। कुछ ही समय में उनके पास पड़ोसियों से लेकर रिश्तेदारों तक के बच्चे वहाँ आने लगे। वह सभी अपने साथ कंप्यूटर से संबंधित किताबें भी लाते थे।

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पल्लव को सीखने का बहुत शौक था इसलिए वह रात-रात भर बैठ कर इन सभी किताबों को पढ़ते थे और कंप्यूटर को और अधिक सीखने का प्रयास करते थे। कुछ समय पश्चात पल्लव अपने पिताजी के साथ कोलकाता में शिफ्ट हो गए। पल्लव के पिताजी ने इनका दाखिला “ला मार्टिनेयर ब्वॉयज स्कूल” में करवा दिया जोकि उस समय का जाना माना स्कूल था और वहां शहर के बेहतरीन विद्यार्थी पढ़ने आते थे। पल्लव भी इन्हीं सब के साथ पढ़ते हुए इन्हीं की तरह बनने के लिए प्रेरित हुए और साथ ही सीखने की ललक और आगे बढ़ने के जज्बे के साथ मेहनत करते रहे।

बोरिंग असाइनमेंट मे मिला बिजनेस आइडिया।

पल्लव बताते हैं कि जब वह हाई स्कूल में थे तब उन्हें असाइनमेंट करने के लिए दिया जाता था और असाइनमेंट के लिए चार्ट बनाना पड़ता था जो कि उन्हें बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था असाइनमेंट बनाते समय एक्सेल में चार्ट बनाना बहुत ही बोरिंग लगता था जिस वजह से वह उसे बिल्कुल पसंद नहीं करते थे और यहीं से पल्लव के दिमाग में इंटरएक्टिव चार्जिंग सॉल्यूशन तैयार करने का आइडिया आया जो कि बहुत आसानी से व अपने मन मुताबिक बनाया जा सके।

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11वीं कक्षा मे कमाई पॉकेट मनी $2000 डॉलर।

पल्लव ने अपने विचारों को लेख के माध्यम से एक वेबसाइट पर लिखना शुरू किया। यह काम उन्होने केवल अपनी जेब खर्च, पॉकेट मनी को कमाने के इरादे से शुरू किया। वेबसाइट पर उनके लेख लोगों के द्वारा काफी पसंद किए गए और काफी लोकप्रिय भी हुए। जिसके लिए उन्हें लगभग 1,23,979 रुपए यानी लगभग $2000 का पारिश्रमिक भी मिला। उस समय पल्लव 11वीं कक्षा के छात्र थे और एक 11 वीं कक्षा के छात्र के लिए $2000 का पारिश्रमिक बहुत अधिक होता है। 16 वर्षीय पल्लव को इस राशि से काफी प्रसन्नता व प्रोत्साहन मिला और इन्होंने इसी विषय को अपने बिजनेस आइडिया में तब्दील करने का फैसला कर लिया।

कंपनी की शुरुआत।

सन 2001 में उन्होंने अपनी कमाई पॉकेट मनी से अपनी कंपनी “Fusion Charts Technology” की नींव रखी। शुरुआती तीन वर्षों तक पल्लव ने कंपनी के कई काम जैसे कि वेबससाइट निर्माण, प्रॉडक्ट डेवलपमेंट, सेल्स एंड मार्केटिंग, डॉक्यूमेंटेशन और कस्टमर फीडबैक की जिम्मेदारी स्वयं अकेले उठाई। शुरुवाती दौर मे अकेले काम करने से उन्होने सीखा की कैसे ग्लोबल सोफ्टवेयर मार्केट मे काम होता है और कैसे दूसरों से बेहतर बनने के लिए क्या प्लानिंग की जरूरत होती है।

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सन 2001 में पल्लव ने कंपनी की नींव रखने के बाद से उनकी कंपनी को अच्छे ऑर्डर आने लग गए, तब उनका पहला ऑफिस सन 2005 में खोला गया जिसमें करीब 20 लोगों की टीम दो वर्ष में ही खड़ी हो गई। काम के साथ ही पल्लव को सरकारी नियमों और बैकिंग व फाइनेंस की अधिक जानकारी न होने की वजह से एक अनुभवी सलाहकार की आवश्यकता होने लगी और दूसरी ओर उन्हें अपनी कंपनी के विदेशी क्लाइंट को भी हेंडल करना होता था, जिसमे उन्हें काफी परेशानी आने लगी, तब इस परेशानी को दूर करने के लिए उन्होंने अपने पिता की सहायता ली।

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कंपनी का किया विस्तार।

पल्लव ने कंपनी का विस्तार करते हुए सन 2009 में उन्होंने कंपनी का ऑफिस कोलकाता के सॉल्ट लेक में शिफ्ट किया जो की कोलकाता का आईटी हब कहलाता है। जल्द ही कंपनी में काम करने वाले लोगों की टीम 20 से बढ़ाकर 50 लोगों की टीम कर दी गई थी। कोलकाता ऑफिस की वजह से कंपनी का विस्तार होने लगा और कंपनी की ग्रौथ मे भी अच्छा फर्क आने लगा। उसके बाद बैंगलोर में Fusion Charts Technology का ऑफिस सन 2010 में खोला गया। आज के समय में Fusion Charts Technology के जरिए 80 कर्मचारी और करीब 25,000 से भी अधिक इस कंपनी के क्लाइंट बने हुए हैं जिनमें गूगल, फेसबुक, फोर्ड और लिंक्डइन जैसी कई दिग्गज कंपनियां भी शामिल है। Success story.
मात्र 30 वर्षों की कड़ी मेहनत की वजह से पल्लव की कंपनी ने करोड़ों रुपयों का बिज़नेस खड़ा कर लिया है।

अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्म पर बनाई अपनी अलग पहचान।

पल्लव बताते है की आज उनकी कंपनी दुनिया के करीब 118 देशो मे फार्मास्यूटिकल्स, एफएमसीजी, शैक्षिक संस्थानों और नासा जैसी संस्थानो के साथ जुड़ी है।
इसके अलावा सन 2010 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी पल्लव के इस प्रोडक्ट को चुना, जिसकी वजह से पल्लव की कंपनी Fusion Charts Technology को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्लेटफार्म पर अपनी अलग ही पहचान मिली। Success story.

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दोस्तों कहते हैं कि किसी भी काम को शुरू करने के लिए उम्र कोई मायने नहीं रखती जैसा कि पल्लव नढ़ानी ने 16 वर्ष की उम्र में अपनी कंपनी Fusion Charts Technology को खड़ी करके आज करीब 80 से अधिक लोगों को रोजगार देकर न केवल उनकी जिंदगी को बेहतर बना रहे हैं बल्कि एक अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं।

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