दोस्तों आज हम ऐसे शख्स के बारे में बात करेंगे जिन्होने अपने बचपन के शुरुवाती दिनों से बहुत ही खराब परिस्थियों का सामना किया। आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी की कभी कभी उनके पूरे परिवार को बिना खाना खाये ही सोना पड़ता था। परंतु, वो कहती है ना जो मेहनत, लगन और अपनी सूझबूझ से अपने लक्ष्य की और बढ़ता है उसके रास्ते कोई नहीं रोक सकता है। आज पूरी दुनिया मे चश्मा बनाने वाले किसी भी बड़े ब्रांड के बारे मे पता करेंगे तो उसके पीछे एक ही ग्रुप सामने आएगा और वो है Luxottica Group SpA. पूरी दुनिया मे जिन्होने अपने क्षेत्र मे एकाधिकार स्थापित किया है आइये जानते है की कैसे खराब परिस्थियों से उठकर आज हमारे सामने एक विशाल साम्राज्य स्थापित है।

Leonardo Del Vecchio success story in hindi. दुनिया के सभी चश्मों के ब्रांड को खरीदा।

जी हां दोस्तों हम बात कर रहे हैं लियोनार्डो डेल वेक्चिओ, Leonardo Del Vecchio की जिन्होंने कभी अपने भविष्य के बारे मे ज्यादा सोचा ही नहीं, उनके शुरुवाती दिनो मे खराब परिस्थियों के चलते वे हमेशा यही सोचते थे की कल के लिए खाने की व्यवस्था कहाँ से की जाये। उन्होंने धीरे धीरे अपनी कड़ी मेहनत के बल पर चश्मे का व्यापार शुरू किया और अपनी लगन और सूझबूझ से उसे एक बहुत बड़े ब्रांड मे बदलकर अपना नाम दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में शामिल कर दिया। Success Story in hindi.

Leonardo Del Vecchio success story in hindi

शुरुवाती समय।

22 मई 1935 में Leonardo Del Vecchio का जन्म इटली के मिलान में हुआ था। उनके पिता सड़क व गलियो में फेरी लगाकर सब्जी बेचने का काम करते थे। उनका बचपन का समय काफी मुश्किलों और कठिनाइयों से भरा हुआ था। जब वह 5 साल के थे तब उनके पिता का निधन हो गया जिससे उनकी आर्थिक हालात काफी खराब होने लगे। सात वर्ष तक की उम्र मे पहुँचते पहुँचते माँ की भी हालत काफी खराब रहने लगी। अधिकांश समय घर मे खाने तक को कुछ भी नहीं होता था। अपने बच्चों की परवरिश करने में असमर्थ लियोनार्डो के माँ ने उन्हे अनाथालय में भेज दिया ताकि उनकी अच्छी परवरिश व अच्छा खाना नसीब हो सके।

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समय बीतता गया जब उनकी उम्र 14 वर्ष की हुई तब वे कुछ काम सीखने के लिए मिलान में स्थित एक टूल बनाने वाली फ़ैक्टरी मे काम करने लगे। लियोनार्डो को बचपन से ही कुछ ना कुछ नया सीखने की जिज्ञासा थी। उन्होने कुछ समय के बाद अपने काम के साथ-साथ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए शाम की क्लास मे दाखिला ले लिया। उसके बाद से उनकी दिनचर्या ही बदल गई और वे पुरे दिन अपना काम करते रहते थे और शाम होते ही अपने काम के बाद पढ़ाई पर ध्यान देते थे।

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शुरू किया अपना बिजनेस।

जब उनकी पढ़ाई पूरी हो गई, तब वे अधिक पैसा कमाने व और अधिक सीखने की इच्छा के साथ अपने गांव को छोड़कर पास में ही स्थित वैनिस के एक छोटे से गांव में चले गए। जहां पर बहुत कुछ सीखने के लिए हर तरह की छोटी बड़ी इंडस्ट्रियां थीं। यहाँ उन्होने कई सालों तक कई नौकरियाँ करते रहे और बहुत कुछ सीखते रहे। जल्द ही वो समय आ गया जब उन्होने अपना काम शुरू करने का विचार बना लिया। उन्होने उसी गाँव मे एक छोटी सी दुकान खोली जिसमे लोगों के लिए हर तरह के चश्मों का फ्रेम बनाकर तैयार किया जाता था। उन्होंने लगातार तीन वर्षों तक कड़ी मेहनत के द्वारा अपनी छोटी दुकान से एक बड़ी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बना ली। जिसमे चश्में के सभी पार्ट्स को बनाया जाता था। उस वक्त उनके साथ काम करने वाले केवल 14 लोग ही थे।

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Luxottica कंपनी की स्थापना।

लियोनार्डो ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर में अपनी कंपनी के काम में वृद्धि करने के लिए लेक्सोटिका Luxottica नाम से कंपनी की शुरुवात की। उनकी कंपनी Luxottica अन्य दूसरी कंपनियों के लिए लगभग 10 वर्ष तक चश्मों के फ्रेम बनाने का काम करती रही, लेकिन जल्द ही उन्होंने सन 1976 में अपने खुद के ही चश्मों का ब्रांड मार्किट में उतारने के लिए अन्य दूसरी कंपनियों के लिए काम करना बंद कर दिया। उनकी कंपनी ने अपने ब्रांड के जरिये मार्किट में अपनी एक अच्छी पकड़ बना ली, जिसका तोड़ निकालना नामुकिन था। Luxottica कंपनी और कंपनियों के मुक़ाबले मे अच्छा प्रॉडक्ट कम कीमतों पर सभी के लिए मुहैया करने लगी। Luxottica कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल को इतना किफ़ायती रखा की और बड़ी कंपनियों के लिए परेशानी खड़ी होने लगी।

अपने एक इंटरव्यू मे लियोनार्डो ने कहा था की हम अभी तक सभी पार्ट्स को बना कर कई बड़ी फैक्ट्रियों को पार्ट्स मुहैया कराते थे। हम जानते थे की जिस दिन हमने अपनी पार्ट्स असेंबल यूनिट खोल ली तो और बड़ी कंपनियों के मुक़ाबले हमारा समान काफी सस्ता होगा। हमने एक सैंपल बनाया और होलसेलर इसे लेने के लिए तैयार हो गए। Leonardo Del Vecchio success story in hindi.

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कंपनी की सफलता।

लेक्सोटिका कंपनी के भविष्य पर ध्यान दिया जाय तो उसने समय पर निर्णय और काबिलियत के बलबूते पर मार्किट में अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया था। उन्होंने अपनी कंपनी का विस्तार सन 1980 में ही शुरू कर दिया था। जल्द ही उन्होने अपनी कंपनी का विस्तार अमेरिका के साथ-साथ यूरोप तक भी फैला दिया। लेक्सोटिका कंपनी के समय पर निर्णय लेने की वजह से वह मात्र चार सालों मे पूरे यूरोप और अमेरिका मे उन्होने अपनी कंपनी के ब्रांड को फैला दिया।

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कई कंपनियों का किया अधीग्रहण।

उन्होंने अपनी कंपनी Luxottica में इटली की कई प्रतिष्ठित कंपनियों जैसे, लैंस क्राफ़्टर्स, पर्सोल व अन्य को अधीग्रहण कर लिया। जल्द ही उन्होने अमेरिका की सबसे प्रतिष्ठित कंपनी रे-बेन को भी खरीद कर अपनी कंपनी में मर्ज कर लिया था।
Luxottica कंपनी ने समय के बदलाव के साथ ही कई और भी बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियों का भी अधीग्रहण कर लिया था। जिसमे चैनल, वर्साचे, राल्फ लॉरेन और अरमानी जैसे दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित कंपनी को भी अपनी कंपनी में शामिल करके आज इन सभी कंपनियों के मालिक बने हुए हैं।

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फोर्ब्स पत्रिका में भी आया नाम।

फोर्ब्स पत्रिका ने भी Leonardo Del Vecchio को दुनिया के 40 वें और इटली के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति के रूप मे पब्लिश किया। उनकी अब तक की कुल सम्पति का मूल्य 24.2 बिलियन डॉलर से अधिक है। एक छोटी सी दुकान मे 14 लोगो के साथ शुरू हुई एक कंपनी का सफर आज दुनिया की सबसे मशहूर प्रतिष्ठित कंपनी Luxottica के रूप मे हमारे सामने है। इस कंपनी मे आज के समय मे लगभग 78 हजार से कर्मचारी है। success story in hindi.

दुनिया भर में फैला कंपनी का नेटवर्क।

दुनियाभर में लेक्सोटिका ग्रुप के 7000 से भी अधिक रिटेल स्टोर्स हैं और साथ में इस कंपनी के इटली में 6 मैन्यूफ़ेक्चरिंग प्लांट भी स्थित हैं। इसके अतिरिक्त इस कंपनी के चीन मे 3 मैन्यूफ़ेक्चरिंग प्लांट और भारत, ब्राज़ील अमेरिका में भी एक-एक प्लांट हैं।

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