दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जिन्होंने आज के जमाने में एक छोटे से शहर में रहकर तकनीकी का सही उपयोग करते हुए आज गूगल की विश्व रैंकिंग में टॉप 2 में शामिल हुए है। पेशे से सरकारी टीचर होने के साथ ही मोबाइल और कंप्यूटर की दुनिया में अपना अलग ही मुकाम हासिल किया है। आज वह अपनी नौकरी के साथ साथ डिजिटल इंडिया के अभियान को भी बखूबी निभा रहे हैं।

जी हां हम बात कर रहे हैं सुरेंद्र तेतरवाल की जिन्होंने अपने दोस्त सुरेश ओला के साथ मिलकर करीब 100 से अधिक एंड्राइड मोबाइल के लिए एप्लीकेशन बना चुकें है।
इसके अलावा कोई भी व्यकित जो कंप्यूटर या मोबाइल मे दिलचस्पी रखता है वह बहुत ही आसानी के साथ ही अपनी मोबाइल एप्लीकेशन बना कर आसानी से रुपये कमा सकता है। जिसके लिए उन्होंने “the apps station” के नाम से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इस सॉफ्टवेयर की सहायता से कोई भी बिना किसी तकनीकी वाला व्यक्ति भी आसानी से Andorid मोबाइल के लिए एप्लीकेशन बना सकता है और साथ ही साथ अपनी कमाई भी कर सकता है। surendra tetarwal app developer in india.

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दोनों मित्रों की शिक्षाएं।

सुरेंद्र तेतरवाल surendra tetarwal पेशे से एक शिक्षक हैं और उनका मित्र सुरेश ओला इनकम टैक्स अधिकारी के तौर कार्यरत है। दोनों ही अपनी नौकरी से बचे समय मे साथ मे काम करते है। मोबाइल व कम्प्युटर एप्लिकेशन बनाना उनका सबसे पसंदीदा काम है और शायद इसीलिए वह इस काम को बखुभी कर भी लेते है। इनके सभी एप्लिकेशन की बाजार मूल्य करीब 5 करोड़ रुपये आँकी गई है परंतु वह दोनों इस काम से कोई रुपये भी नहीं कमाना चाहते है और उनकी बात इस बात से सिद्ध होती है की वह अपनी सभी एप्लिकेशन को बिना किसी शर्त के सरकार को निशुल्क देना चाहते है। app developer in india.

परेशानी से मिला हिन्दी एप्लिकेशन का आइडिया।

सुरेंद्र तेतरवाल बताते है की जब छात्र थे तब उनका सपना भी और सभी छात्रो की तरह सरकारी नौकरी करने का था। इसके लिए वह सन 2009 से लेकर सन 2011 तक वे कंपटीशन एग्जाम की रणनीति बनाकर तैयारी करने में जुट गए। चूँकि वे हिंदी माध्यम से पढ़ाई कर रहे थे और हिंदी माध्यम में ऑनलाइन स्टडी मटेरियल की व्यवस्था न होने की वजह से वे परेशान हो रहे थे। अधिकांश ऑनलाइन स्टडी मटेरियल इंग्लिश मे होने की वजह से वह और उनके जैसे हजारो छात्र जो की हिन्दी माध्यम के द्वारा पढ़ाई कर रहे थे वह सभी इनही समस्या का सामना कर रहे थे। सुरेंद्र ने तभी सोच लिया की इस समस्या का हल जरूर निकालना चाहिये।

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सभी के लिए निशुल्क ऑनलाइन पाठ्य सामग्री मुहैया।

सुरेंद्र तेतरवाल जो कि राजस्थान के सीकर के मूल नागरिक हैं उन्होंने कुछ वर्षो पहले अपने दोस्त सुरेश ओला के साथ मिलकर एक मुहीम की शुरुआत की, जिसमे वे छात्रों को वो चाहे किसी भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हो समान्य ज्ञान सभी विषयो पर उनकी एप्लिकेशन तैयार की हुई है। उनकी ऐप मे यूपीएससी, बैकिंग, सामान्य ज्ञान, भारतीय संविधान से जुड़े सभी ऐप निशुल्क उपलब्ध है। जिससे सभी छात्रो को निशुल्क ऑनलाइन पाठ्य सामग्री आसानी से एप्लिकेशन के माध्यम से पढ़ सकते है। उनकी ये सभी एप्लिकेशन आसानी से एंड्राइड मोबाइल के प्ले स्टोर से निशुल्क डाउन्लोड कर सकते है।

अच्छे पद की प्राप्ति हुई।

सुरेंद्र और सुरेश दोनों मित्रों ने अपनी कड़ी मेहनत के द्वारा सरकारी एक्जाम क्लियर किए। दोनों ही मित्र हिन्दी माध्यम से होने के बावजूद अपनी लगन और मेहनत से सरकारी नौकरी प्राप्त की। सुरेंद्र को सन 2011 में कमर्शियल डिपार्टमेंट के इनकम टैक्स असिस्टेंट का एक अच्छा पद प्राप्त हुआ वहीं दूसरी ओर सुरेंद्र को एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्राध्यापक का पद प्राप्त हुआ।
जब हम सभी अपने किसी भी छोटी या बड़ी समस्या से सामना करके उभरकर निकल जाते हैं तो हम उस समस्या को भूल जाते हैं, लेकिन इन दोनों मित्रों ने अपने परेशानी वाले वक्त को भूले नहीं और आगे बढ़कर इस बारे में सोचा, जो अन्य छात्र इस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं। तब सुरेंद्र ने अपने दोस्त सुरेश के साथ मिलकर हिंदी माध्य्म में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अपने स्टडी मटेरियल से हिंदी में ब्लॉग लिखना शुरू किया।

उसके बाद सन 2016 में उन्होंने अपने हिंदी माध्य्म में बनाये हुए स्टडी मटेरियल को एक मोबाइल एप्लीकेशन के रूप में बदल दिया। हिन्दी एप मे छात्रो के लिए यूपीएससी, बैकिंग, सामान्य ज्ञान, भारतीय संविधान से जुड़े ऐप बहुत महत्वपूर्ण है। आज छात्रो के द्वारा ही इन एप्लिकेशन की डाउन लोडिंग लाखों मे है।
उनकी मोबाइल एप्लीकेशन को छात्रों की ओर से काफी अच्छा पॉजिटिव फीडबैक मिला जिससे उनके अंदर इस तरह की और भी मोबाइल एप्लीकेशन बनाने की नई ऊर्जा मिलती है।

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100 से भी अधिक एप्लीकेशन बनाकर लगया शतक।

सुरेंद्र अब तक 3 वर्षों में 100 से भी अधिक एप्लीकेशन बनाकर गूगल के प्ले स्टोर में अपलोड कर चुके हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुरेंद्र के बनाये हुए ये एप्लीकेशन कम्पटीशन एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्रों के साथ ही छोटे बच्चों के लिए भी लिए भी मशहूर है। वह छोटे बच्चो के लिए हितोपदेश, पंचतंत्र व बुद्ध की कहानियां जैसे कई एप भी तैयार कर चुके है।

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12th के छात्रों के लिए फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) और केमिस्ट्री जैसे जटिल विषयों के फॉर्मूले के लिए भी एप्लीकेशन बने हुए है। इसके अलावा कॉलेज में अलग-अलग स्ट्रीम के छात्रों को हिंदी माध्यम में स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने के लिए भी कई एप्लिकेशन मौंजूद है। सुरेंद्र के बनाये हुए प्रत्येक एप्लीकेशन में 4 से कम रेटिंग नहीं हैं. इसके अलावा इन सभी एप्लीकेशन में से 8.5 मिलियन लगभग 85 लाख से अधिक डाउनलोड्स हैं।

गांव के लिए बनायी “डिजिटल ग्राम पंचायत नानी” एप्लीकेशन।

जब सुरेंद्र ने अपने गांव के सरपंच को अपनी एप्लीकेशन के द्वारा होने वाले फायदे के बारे में बताया तो वे सुरेंद्र के इस काम को देखकर काफी प्रभावित हुए। सुरेंद्र से अपने ग्राम पंचायत के लिए भी एक ऐसा ही एप्लीकेशन बनाया।
पहली बार सुरेंद्र ने देश की पहली ग्राम पंचायत एप्लीकेशन फ्री में “डिजिटल ग्राम पंचायत नानी” digital gram panchayat के नाम से बनाया। सुरेंद्र के इस “डिजिटल ग्राम पंचायत नानी” एप्लीकेशन में गांव के लोगों के लिए जनता प्रतिनिधि की जानकारी सहित, गांव में रहने वाले लोगों के लिए विकास कार्य, ग्राम पंचायत तक पहुंचने के लिए नक्शा, गांव के एक जगह से दूसरी जगह में जाने के लिए अलग-अलग रास्तों सहित और भी कई तरह की जानकारी प्राप्त होती है।

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सुरेंद्र के बनाये इस एप्लीकेशन में एक खास बात और भी है, इसमें उन्होंने अपने पहले बनाये हुए एप्लीकेशन में कुछ कमी रहने पर एक शिकायत का ऑप्शन को भी जोड़ा है जो गांव के विकास के लिए बहुत फायदेमंद सावित हुआ है।
surendra tetarwal के बनाये हुए इस एप्लीकेशन की सफलता का अंदाज इस बात से लगा सकते हैं कि उनके गांव की जनसंख्या मात्र 3-4 हजार है जबकि उनके बनाये हुए एप्लीकेशन को आज लाखों लोगों ने अपने-अपने मोबाइल में डाउनलोड किया हुआ है। “डिजिटल ग्राम पंचायत नानी” एप्लीकेशन को अब तक 4.5 की रेटिंग मिली है साथ ही 3 लाख से अधिक लोगो ने इनकी एप्लिकेशन को इंस्टॉल किया है। Top app developer in india.

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किसानों के लिए “खेती-बाड़ी” ऐप।

इसके अलावा उन्होंने किसानों की मदद के लिए “खेती-बाड़ी” के नाम से एप्लीकेशन भी बनाई है, इस ऐप के माध्यम से वह किसानों को खेतों से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराते है। जैसे किसानों को खेतों मे कौन सी खाद का प्रयोग करना चाहिए, इसके क्या फ़ायदे है। किसानों को कौन सी फसल किस मौसम मे उगानी चाहिये। आदि जानकारियां नये व पुराने किसानों के लिए लाभप्रद है। “खेती-बाड़ी” ऐप को अब तक 1 लाख से अधिक लोग अपने मोबाइल मे इंस्टॉल कर चुके है।

TheAppsStation के जरिये free मोबाइल एप्लिकेशन।

सुरेंद्र ने एक ऐप ऐसी भी बनाई है जिसके माध्यम से कोई भी व्यकित यदि वह कोई जानकारी सभी के साथ बांटना चाहता है या कोई कंटैंट को सभी के साथ शेयर करना चाहता है तो वह मोबाइल ऐप बड़ी ही आसानी और निशुल्क कीमत पर खुद ही बना सकता है।

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आप सभी जानते है की मोबाइल ऐप बनाने के लिए ऐप कोडिंग सीखने की जरूरत होती साथ ही साथ यह किसी से बनवाए तो काफी महंगी भी बनती है। इसी परेशानी को देखते हुए सुरेन्द्र ने अपने मित्र के साथ मिलकर एक ऐसी सोफ्टवेयर वैबसाइट “TheAppsStation” बनाई जिसके माध्यम से आप बिना कोई कोडिंग सीखे भी निशुल्क ऐप बना सकते है और अपना कंटैंट को पूरी दुनिया के सामने दिखा सकते है। साथ ही अपनी ऐप मे विज्ञापन लगा कर आप एक अच्छी कमाई भी कर सकते हो। TheAppsStation के प्लेटफार्म पर लगभग 500 से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।

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हमेशा चुनौतियों का किया डट कर सामना।

कुछ बड़ा काम करने के लिए जिंदगी में चट्टान से भी अधिक मजबूत होना पड़ता है तब कहीं जाकर सफलता प्राप्त होती है। सुरेन्द्र ने भी सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए जी-तोड़ मेहनत की और सरकारी नौकरी मे अच्छा पद प्राप्त किया साथ ही जिन परेशानियों को उन्होने अपनी ज़िंदगी मे देखा वह आगे कभी भी किसी को ना हो इसके किए लिए उन्होने हिन्दी मे सभी छात्रो के लिए एजुकेशन पाठ्य सामग्री अपनी ऐप के माध्यम से सभी को उपलब्थ कराई।

इन सभी कार्यो के लिए दिन मे अपनी नौकरी करने के बाद रात मे 2-3 बजे तक जाग जाग कर कड़ी मेहनत से पूरा किया। आज भी सुरेन्द्र अपनी नौकरी के साथ साथ ऐप बनाने का काम बखुभी करते है ताकि समाज मे अपनी सभी सेवाएँ निशुल्क दे सके। सुरेन्द्र और सुरेश ने अपनी सभी मोबाइल एप्लिकेशन को 6 भारतीय भाषाओ मे बनाया है। surendra tetarwal app developer in india.

पत्नी का भी मिलता है पूरा सहयोग।

सुरेन्द्र की पत्नी उनके ऐप बनाने मे हमेशा उनकी पूरी मदद करती है। वह घर के सभी कामों के साथ अपनी नौकरी भी करती है और साथ ही सुरेन्द्र की नयी बनाई गई सभी ऐप की प्रूफ रीडिंग भी करती है। सुरेन्द्र की पत्नी स्वास्थ विभाग मे वरिष्ठ पद पर है।
सुरेन्द्र और सुरेश इन सभी ऐपों के अलावा सामाजिक समस्याओ पर व स्वास्थ पर भी एप बना रहे है। सुरेश हमेशा समय समय पर सभी लोगो से अपना सुझाव भी माँगते रहते है ताकि वह उस पर एक एप बना सके।

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कई मंचो पर मिला अवार्ड।

जब हम कुछ भी नया कर रहे होते हैं या बना रहे हैं तो उसे किसी भी तरह से दुनिया से अधिक समय तक नहीं छुपाया जा सकता। अपने इस अनोखे आइडिये के द्वारा सुरेंद्र और सुरेश को अब तक कई मंचों पर अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

  1. मार्च सन 2018 में राजस्थान के जयपुर में आईटी डे के सुनहरे अवसर पर राजस्थान की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ई-गवर्नेंस में अनोखा इनोवेशन किया जिसके उन्हें “राजस्थान ई-गवर्नेंस अवार्ड 2016-17” से नवाजा गया।
  2. सुरेंद्र के बनाये हुए एप्लीकेशन के जरिये देश का राष्ट्रीय चैनल “दूरदर्शन” ने भी एप्लीकेशन से संबंधित जानकारी जुटाकर डॉक्यूमेंट्री भी बना चुका है।
  3. समाज के लिए फ्री में एप्लीकेशन बनाने वाले सुरेंद्र को विश्व की जानी-मानी और सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कम्पनी ने अपने टॉप डेवलपर्स की सूची में अच्छी रैंक दी।
  4. गूगल के बाद अन्य विश्व की दूसरी सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भी उन्हें “माइक्रोसॉफ्ट अभिनव शिक्षक सम्मान” से भी सम्मानित हो चुके हैं।

surendra tetarwal app developer in india. किसी भी काम में सफल होने के लिए धैर्य का होना बहुत ही जरूरी होता है जो सुरेंद्र ने कर दिखाया है। समाज के लिए निशुल्क कार्य करना आज के समाज मे बहुत कम ही लोग है और शायद इसीलिए अपनी लगन और मेहनत के बल पर आज वह एक सफलता के शिखर पर है।

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